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रिश्वा (मल्टीकट चारा बीज) – view 1 of 1
Fodder Seeds

रिश्वा (मल्टीकट चारा बीज)

96% अंकुरण
स्टॉक में

कसनी (चिकोरी) की उत्कृष्ट मल्टीकट किस्म, खनिज व इन्यूलिन से भरपूर, दूध उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाती है।

मुख्य विशेषताएं

  • उच्च खनिज, विशेषकर कैल्शियम से समृद्ध
  • इन्यूलिन प्रीबायोटिक से पाचन व आंत्र स्वास्थ्य बेहतर
  • दूध उत्पादन व वसा प्रतिशत में वृद्धि
  • गहरी जड़ (1.5 मी.) – गहराई से पोषक तत्व अवशोषण
  • स्थापना के बाद सूखा सहनशील
  • बरसीम के साथ मिश्रित चारे में श्रेष्ठ
  • एन्थेल्मिन्टिक जैव-सक्रिय यौगिक मौजूद
  • मिश्रित चारे की स्वादिष्टता व पाच्यता सुधरती है

खेती संબंधित जानकारी

खेती की स्थितियां

शीतल से मध्यम जलवायु (15–25°C), अच्छी जल-निकास वाली उर्वर मिट्टी (pH 5.5–7.0)। पहली सिंचाई के बाद प्रत्येक 15–20 दिन पर।

उत्पादन का अनुमान

एक सीजन (120–150 दिन) में बहु कटिंग से कुल 40–60 टन हरा चारा/हे.

पैकेजिंग और उपयोग

शुद्ध फसल हेतु बीज दर: 4–5 किग्रा./हे.; मिश्रित फसल में 2–3 किग्रा./हे.

मुख्य बिंदु

मुख्य बिंदु

  • उच्च खनिज, विशेषकर कैल्शियम से समृद्ध
  • इन्यूलिन प्रीबायोटिक से पाचन व आंत्र स्वास्थ्य बेहतर
  • दूध उत्पादन व वसा प्रतिशत में वृद्धि
  • गहरी जड़ (1.5 मी.) – गहराई से पोषक तत्व अवशोषण
  • स्थापना के बाद सूखा सहनशील
  • बरसीम के साथ मिश्रित चारे में श्रेष्ठ
  • एन्थेल्मिन्टिक जैव-सक्रिय यौगिक मौजूद
  • मिश्रित चारे की स्वादिष्टता व पाच्यता सुधरती है

कृषि और प्रबंधन

मिट्टी

गहरी, अच्छी जल-निकास वाली दोमट मिट्टी सर्वोत्तम; pH 5.5–7.0. थोड़ी अम्लीय सहन, जलभराव असहनीय. न्यूनतम मिट्टी गहराई 45 सेमी.

पानी और सिंचाई

पहली सिंचाई तुरंत. आगे 15–20 दिन पर; हल्की मिट्टी में 10–12 दिन पर.

बुवाई

तैयारी

सूक्ष्म व दृढ़ बीजबेड; खेत तैयारी में 10–12 टन/हे. सड़ी गोबर खाद मिलाएँ; खरपतवार हटाएँ.

बुवाई की गहराई

बुवाई गहराई 0.5–1.0 सेमी; हल्की मिट्टी में कुछ गहरी, भारी मिट्टी में उथली.

दूरी

अनाज हेतु कतार {{ROW_SPACING_CM_MIN}}–{{ROW_SPACING_CM_MAX}} सेमी, पौधा {{PLANT_SPACING_CM_MIN}}–{{PLANT_SPACING_CM_MAX}} सेमी. साइलिज हेतु {{SILAGE_ROW_SPACING_CM}} × {{SILAGE_PLANT_SPACING_CM_MIN}}–{{SILAGE_PLANT_SPACING_CM_MAX}} सेमी.

बुवाई के तरीके
  • ब्रॉडकास्टिंग (रेत के साथ मिलाकर)
  • लाइन बुवाई – बेहतर स्थापना हेतु
  • बरसीम आदि के साथ इंटरक्रॉपिंग
बुवाई का समय
उत्तर भारत: अक्टूबर–मध्य नवम्बर मध्य भारत: अक्टूबर–दिसम्बर दक्षिण भारत: नवम्बर–दिसम्बर
बीज दर

शुद्ध: 4–5 किग्रा./हे.; मिश्रित: 2–3 किग्रा./हे.

कटाई

पहली कटाई 70–80 दिन पर जब ऊँचाई 40–50 सेमी हो. आगे 35–45 दिन पर कटाइयाँ. 6–8 सेमी स्टबल छोड़ें; फूल आने से पहले काटें.

कटाई के बाद की गतिविधियाँ

हर कटाई के बाद हल्की सिंचाई. शुद्ध फसल में प्रत्येक कटाई के बाद 20–25 किग्रा. N दें; मिश्रित फसल में दर घटाएँ.

उर्वरक

बेसल: N 25–30, P₂O₅ 50–60, K₂O 30 किग्रा./हे.; कटाइयों के बीच N टॉप-ड्रेसिंग.

खरपतवार नियंत्रण

पहले 40–45 दिन क्रिटिकल; पेंडिमेथालिन @ 0.75 किग्रा. a.i./हे.; 30–35 दिन पर हाथ से निराई; लाइन बुवाई में इंटर-कल्टिवेशन उपयोगी.

कीट और रोग प्रबंधन

पत्तियाँ खाने वाले कीटों हेतु नीम-आधारित स्प्रे 5 मि.ली./ली.; आर्द्रता में पाउडरी मिल्ड्यू हेतु वेटेबल सल्फर 2 ग्राम/ली. या पौध घनत्व घटाएँ.