
निरव (शोध चना)
रबी कृषि के लिए शोध चना; कम-नमी परिस्थितियों में अच्छा अनुकूलन व स्थिर बीज विकास.
मुख्य विशेषताएं
- बीज-उपचार व राइज़ोबियम इनॉक्युलेशन से स्थापना/नोड्यूलेशन में सुधार
- वानस्पतिक वृद्धि व रोग कम करने हेतु अत्यधिक सिंचाई से बचें
- पुष्पन से फली-भराव सर्वाधिक संवेदनशील अवस्था
- उपयुक्त रबी समय में बुवाई से उपज स्थिरता में सुधार
खेती संબंधित जानकारी
खेती की स्थितियां
ठंडा, शुष्क मौसम; अच्छी जल-निकास वाली दोमट से चिकनी-दोमट मिट्टी (pH लगभग 6.0–8.0).
उत्पादन का अनुमान
जाति, पोषण व नमी अनुसार सामान्य उपज 10–25 क्विं./हे.
पैकेजिंग और उपयोग
देसी प्रकार हेतु बीज दर सामान्यतः बीज-आकार व दूरी अनुसार 60–90 किग्रा./हे.
मुख्य बिंदु
मुख्य बिंदु
- बीज-उपचार व राइज़ोबियम इनॉक्युलेशन से स्थापना/नोड्यूलेशन में सुधार
- वानस्पतिक वृद्धि व रोग कम करने हेतु अत्यधिक सिंचाई से बचें
- पुष्पन से फली-भराव सर्वाधिक संवेदनशील अवस्था
- उपयुक्त रबी समय में बुवाई से उपज स्थिरता में सुधार
कृषि और प्रबंधन
मिट्टी
अच्छी संरचना वाली, अच्छी जल-निकास युक्त मध्यम से भारी मिट्टी श्रेष्ठ.
पानी और सिंचाई
अधिकांशतः वर्षाश्रित; शाखन/पुष्पन व फली-भराव पर आवश्यकता हो तो 1–2 रक्षात्मक सिंचाई.
बुवाई
तैयारी
बारीक, मज़बूत बीज-शय्या तैयार कर बेसल पोषण दें.
बुवाई की गहराई
5–8 सेमी.
दूरी
30–45 सेमी पंक्ति; बीज-आकार अनुसार 10 सेमी पौधा-दूरी.
बुवाई के तरीके
- •सीड ड्रिल से पंक्ति बुवाई
बुवाई का समय
बीज दर
60–90 किग्रा./हे.
कटाई
पौधे भूसे जैसे रंग के होने व फलियाँ पूर्णतः पकने पर कटाई.
कटाई के बाद की गतिविधियाँ
पौधे सुखाएँ, सावधानीपूर्वक गहाई करें व सुरक्षित नमी पर अनाज भंडारण.
उर्वरक
स्टार्टर N व फॉस्फोरस महत्वपूर्ण; आवश्यकता पर सल्फर व जिंक.
खरपतवार नियंत्रण
प्रथम 30–35 दिनों तक फसल को खरपतवार-मुक्त रखें.
कीट और रोग प्रबंधन
पोड बोरर व विल्ट/जड़ रोगों पर निगरानी; एकीकृत प्रबंधन व जहाँ उपलब्ध हो प्रतिरोधक लाइनें.

