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आस्था (हाइब्रिड अरंडी) – view 1 of 2
Research Seeds

आस्था (हाइब्रिड अरंडी)

90% अंकुरण
स्टॉक में

तिलहन उत्पादन हेतु हाइब्रिड अरंडी (कैस्टर); अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में अच्छी अनुकूलता. अच्छी जल-निकास वाली मिट्टी हेतु उपयुक्त तथा संतुलित पोषण व नमी प्रबंधन पर अच्छी प्रतिक्रिया.

मुख्य विशेषताएं

  • अनुशंसित दूरी सामान्यतः 90×60 सेमी से 90×90 सेमी
  • FYM (गोबर खाद) से प्रारंभिक वृद्धि व नमी संरक्षण में सुधार
  • सल्फर सहित संतुलित NPK से कैप्सूल व तेल उपज में वृद्धि
  • पुष्पन व कैप्सूल विकास पर सघन देखभाल आवश्यक

खेती संબंधित जानकारी

खेती की स्थितियां

गर्म वातावरण (20–30°C) तथा अच्छी जल-निकास वाली दोमट से चिकनी-दोमट मिट्टी (pH 6.0–7.5) में सर्वश्रेष्ठ. लंबे समय जलभराव से बचें.

उत्पादन का अनुमान

उचित प्रबंधन के साथ वर्षा, मृदा उर्वरता व जाति अनुसार सामान्यतः 15–25 क्विं./हे. उपज.

पैकेजिंग और उपयोग

सामान्य बीज दर: 5–10 किग्रा./हे., हाइब्रिड/जाति व दूरी के अनुसार.

मुख्य बिंदु

मुख्य बिंदु

  • अनुशंसित दूरी सामान्यतः 90×60 सेमी से 90×90 सेमी
  • FYM (गोबर खाद) से प्रारंभिक वृद्धि व नमी संरक्षण में सुधार
  • सल्फर सहित संतुलित NPK से कैप्सूल व तेल उपज में वृद्धि
  • पुष्पन व कैप्सूल विकास पर सघन देखभाल आवश्यक

कृषि और प्रबंधन

मिट्टी

अच्छी जल-निकास वाली मध्यम से गहरी मिट्टी उपयुक्त. फसल मध्यम मृदा-तनाव सहन करती है पर खड़े पानी को नहीं.

पानी और सिंचाई

आवश्यकता हो तो स्थापना पर जीवनदायी सिंचाई; तत्पश्चात शुष्क अवधि में महत्वपूर्ण अवस्थाओं पर सिंचाई.

बुवाई

तैयारी

2–3 जुताई के साथ बारीक भुरभुरी मिट्टी और बेसल जैविक खाद.

बुवाई की गहराई

3–5 सेमी गहराई पर बुवाई.

दूरी

अवधि व वर्षा क्षेत्र के अनुसार 90×60 सेमी से 90×90 सेमी.

बुवाई के तरीके
  • पंक्ति में बुवाई
  • अधिक वर्षा क्षेत्रों में रिज-फर्रो बुवाई
बुवाई का समय
खरीफ: जून–जुलाई सिंचाई उपलब्ध होने पर मानसून के बाद
बीज दर

5–10 किग्रा./हे.

कटाई

स्पाइक पकने पर चरणबद्ध कटाई; झड़ने की हानि घटाने हेतु देर न करें.

कटाई के बाद की गतिविधियाँ

कटी स्पाइकों को अच्छी तरह सुखाकर गहाई और भंडारण.

उर्वरक

मृदा परीक्षण आधारित संतुलित NPK; कम सल्फर वाली मिट्टी में सल्फर लाभदायक.

खरपतवार नियंत्रण

प्रथम 35–45 दिन तक खरपतवार-मुक्त रखें; अंतर-संस्करण व हाथ-निराई.

कीट और रोग प्रबंधन

कैप्सूल बेधक व पत्ती खाने वाले कीटों पर निगरानी; आईपीएम और आवश्यकता अनुसार छिड़काव.