
वर्षा-11 (शोध उड़द) - Tau-1
दलहन प्रणाली हेतु शोध उड़द (ब्लैकग्राम) लाइन; अच्छी अनुकूलता, सघन वृद्धि व उचित प्रबंधन में स्थिर फली विकास.
मुख्य विशेषताएं
- फफूँदनाशी व बायो-फर्टिलाइज़र से बीज उपचार से स्थापना में सुधार
- महत्वपूर्ण अवस्था सिंचाई: पुष्पन व फली-गठन
- प्रथम 30 दिनों का खरपतवार नियंत्रण अंतिम उपज पर सशक्त प्रभाव
- संतुलित सल्फर व फॉस्फोरस फली-गठन में सहायक
खेती संબंधित जानकारी
खेती की स्थितियां
गर्म जलवायु में अच्छी जल-निकास वाली दोमट मिट्टी में अच्छी वृद्धि. लम्बे समय जलभराव से बचें.
उत्पादन का अनुमान
मौसम व फसल-देखभाल अनुसार सामान्य दाना उपज 8–15 क्विं./हे.
पैकेजिंग और उपयोग
पंक्ति बुवाई में सामान्य बीज दर लगभग 20 किग्रा./हे.
मुख्य बिंदु
मुख्य बिंदु
- फफूँदनाशी व बायो-फर्टिलाइज़र से बीज उपचार से स्थापना में सुधार
- महत्वपूर्ण अवस्था सिंचाई: पुष्पन व फली-गठन
- प्रथम 30 दिनों का खरपतवार नियंत्रण अंतिम उपज पर सशक्त प्रभाव
- संतुलित सल्फर व फॉस्फोरस फली-गठन में सहायक
कृषि और प्रबंधन
मिट्टी
तटस्थ pH वाली, अच्छी जल-निकास युक्त मध्यम बनावट की मिट्टी उपयुक्त.
पानी और सिंचाई
खरीफ में मुख्यतः वर्षाश्रित; सिंचित फसल में पुष्पन व फली-भराव पर आवश्यकता हो तो पानी.
बुवाई
तैयारी
बारीक बीज-शय्या, बेसल उर्वरक व उपचारित बीज.
बुवाई की गहराई
3–5 सेमी.
दूरी
30 सेमी पंक्ति व लगभग 10 सेमी पौधा-दूरी.
बुवाई के तरीके
- •सीड ड्रिल/डिबलिंग से पंक्ति बुवाई
बुवाई का समय
बीज दर
18–25 किग्रा./हे.
कटाई
अधिकांश फलियाँ काली पकने व पौधे सूखने लगने पर कटाई.
कटाई के बाद की गतिविधियाँ
बीज-टूटन कम करने हेतु अच्छी तरह सुखाकर सावधानीपूर्वक गहाई.
उर्वरक
मृदा परीक्षण आधारित स्टार्टर N तथा P व K; आवश्यकता पर सूक्ष्म तत्व.
खरपतवार नियंत्रण
प्रथम 25–30 DAS तक फसल खरपतवार-मुक्त रखें.
कीट और रोग प्रबंधन
चूसने वाले कीट व पोड बोरर पर निगरानी; एकीकृत नियंत्रण व स्वच्छ बीज पद्धति.

