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GW-496 (गेहूँ बीज) – view 1 of 1
Wheat Seeds

GW-496 (गेहूँ बीज)

95% अंकुरण
स्टॉक में

GW-496 (गुजरात गेहूँ 496) गेहूँ अनुसंधान केंद्र, जूनागढ़ द्वारा विकसित उच्च उपज देने वाली रोटी गेहूँ की किस्म। गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ की समय पर सिंचित रबी हेतु अनुशंसित। बोल्ड चमकदार अम्बर दाने व उच्च प्रोटीन के साथ चपाती व बेकरी दोनों के लिए उपयुक्त।

मुख्य विशेषताएं

  • गेहूँ अनुसंधान केंद्र, जूनागढ़ — गुजरात के लिए सिद्ध
  • उच्च उपज: पूर्ण सिंचाई पर 50–60 क्विं./हे.; श्रेष्ठ प्रबंधन में 65 तक
  • बोल्ड चमकदार अम्बर दाने, उच्च परीक्षण भार (~42–45 ग्राम/1000 दाने)
  • उच्च प्रोटीन (~12–13%) — चपाती, आटा और बेकरी हेतु उत्तम
  • मजबूत अर्ध-बौनी किस्म (~90–95 सेमी), अच्छी लोडजिंग सहनशीलता
  • भूरा रतुआ प्रतिरोधी; पीला रतुआ व कर्नल बंट के विरुद्ध मध्यम प्रतिरोध
  • इष्टतम पकाव ~115–120 दिन — मानक रबी कैलेंडर में फिट
  • सिंचित स्थिति में समय पर (नवम्बर प्रथम पखवाड़ा) बुवाई हेतु शीर्ष
  • संतुलित NPK उर्वरक एवं समय पर सिंचाइयों पर उत्तम प्रतिक्रिया
  • गुजरात, सौराष्ट्र व कच्छ के सिंचित क्षेत्रों के लिए अनुशंसित

खेती संબंधित जानकारी

खेती की स्थितियां

ठंडे रबी मौसम (15–25°C) में सर्वोत्तम; pH 6.5–7.5 की सुगठित मध्यम काली अथवा जलोढ़ मिट्टी उपयुक्त। पूर्ण उपज के लिए 4–5 समय पर सिंचाइयाँ आवश्यक।

उत्पादन का अनुमान

गुजरात के मैदानों में समय पर सिंचित बुवाई पर औसत 50–60 क्विं./हे.; श्रेष्ठ प्रबंधन में 65 क्विं./हे. तक। संतुलित उर्वरक और समय पर सिंचाइयों पर अच्छी प्रतिक्रिया।

पैकेजिंग और उपयोग

बीज दर: लाइन बुवाई हेतु 100–125 किग्रा./हे.। मानक 20 किग्रा. बोरों में; प्रमाणित बीज उपलब्ध।

मुख्य बिंदु

मुख्य बिंदु

  • गेहूँ अनुसंधान केंद्र, जूनागढ़ — गुजरात के लिए सिद्ध
  • उच्च उपज: पूर्ण सिंचाई पर 50–60 क्विं./हे.; श्रेष्ठ प्रबंधन में 65 तक
  • बोल्ड चमकदार अम्बर दाने, उच्च परीक्षण भार (~42–45 ग्राम/1000 दाने)
  • उच्च प्रोटीन (~12–13%) — चपाती, आटा और बेकरी हेतु उत्तम
  • मजबूत अर्ध-बौनी किस्म (~90–95 सेमी), अच्छी लोडजिंग सहनशीलता
  • भूरा रतुआ प्रतिरोधी; पीला रतुआ व कर्नल बंट के विरुद्ध मध्यम प्रतिरोध
  • इष्टतम पकाव ~115–120 दिन — मानक रबी कैलेंडर में फिट
  • सिंचित स्थिति में समय पर (नवम्बर प्रथम पखवाड़ा) बुवाई हेतु शीर्ष
  • संतुलित NPK उर्वरक एवं समय पर सिंचाइयों पर उत्तम प्रतिक्रिया
  • गुजरात, सौराष्ट्र व कच्छ के सिंचित क्षेत्रों के लिए अनुशंसित

कृषि और प्रबंधन

मिट्टी

pH 6.5–7.5 वाली सुगठित मध्यम काली अथवा जलोढ़ दोमट मिट्टी, अच्छी उर्वरता के साथ। खारी या जलजमाव वाली भूमि से बचें।

पानी और सिंचाई

महत्त्वपूर्ण सिंचाइयाँ: CRI (20–25 DAS), कल्ले (40–45 DAS), जोड़ (60–65 DAS), पुष्पन (80–85 DAS) व दाने भरना (100–105 DAS)। पूर्ण उपज के लिए कुल 4–5 सिंचाइयाँ।

बुवाई

तैयारी

दो जुताई के बाद पाटा। ऊँची उपज हेतु भूमि तैयारी में 10–12 टन/हे. सड़ी FYM दें।

बुवाई की गहराई

4–5 सेमी गहराई पर बुवाई से अच्छा अंकुरण व कल्ले।

दूरी

सिंचित स्थिति हेतु लाइन बुवाई 20–22 सेमी इष्टतम।

बुवाई के तरीके
  • सीड ड्रिल से लाइन बुवाई (उच्चतर उपज हेतु प्राथमिकता)
  • जल-बचत सिंचाई हेतु बेड प्लांटिंग
  • उपयुक्त मिट्टी में धान/कपास के बाद जीरो-टिलेज
बुवाई का समय
समय पर बुवाई: 1–20 नवम्बर (शीर्ष अवधि) देर से बुवाई: 21 नवम्बर – 10 दिसम्बर (125 किग्रा./हे.) श्रेष्ठ उपज हेतु मध्य दिसम्बर के बाद बुवाई न करें
बीज दर

समय पर लाइन बुवाई हेतु 100 किग्रा./हे.; देर से या छिड़काव हेतु 125 किग्रा./हे.

कटाई

दाने कठोर व पुआल सुनहरी-पीली होने पर शारीरिक परिपक्वता पर कटाई। 18–20% नमी पर कंबाइन कटाई आदर्श; बिखराव से बचने हेतु देर न करें।

कटाई के बाद की गतिविधियाँ

थ्रेश किया धान्य भण्डारण से पूर्व ~12% नमी तक धूप में सुखाएँ। बोरीबंदी से पहले सफाई व ग्रेडिंग; दीर्घ भण्डारण हेतु खाद्य-ग्रेड संरक्षक लगाएँ।

उर्वरक

150:60:40 किग्रा. NPK/हे.। पूर्ण P, K + आधा N बेसल; शेष N प्रथम व द्वितीय सिंचाई पर विभाजित। जिंक की कमी पर 25 किग्रा. ZnSO4/हे. बेसल। शीर्ष अवस्था पर 2% यूरिया पर्णीय छिड़काव से दाना प्रोटीन बढ़ता है।

खरपतवार नियंत्रण

बुवाई के 1–2 दिन में पेंडामेथालिन 30 EC @ 3.3 ली./हे. छिड़काव। 25–30 DAS पर सल्फोसल्फ्यूरॉन 75 WG @ 25 ग्राम a.i./हे. फेलारिस माइनर नियंत्रण हेतु। पूरक रूप से 30–35 DAS पर एक हाथ-निराई।

कीट और रोग प्रबंधन

मुख्य रोग: भूरा रतुआ, पीला रतुआ, कर्नल बंट। कार्बोक्सिन 75 WP @ 2.5 ग्राम/किग्रा. + टेबुकोनाज़ोल 2 DS @ 1.25 ग्राम/किग्रा. बीज उपचार से स्मट व बंट नियंत्रण। बूट/शीर्ष अवस्था पर प्रोपिकोनाज़ोल 25 EC @ 1 मिली/लि. छिड़काव से रतुआ। माहू हेतु इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL @ 100 मिली/हे.।