
गौधन (शोध जई/ओट) - Kent
शीत ऋतु हेतु शोध ओट चारा-लाइन; उच्च गुणवत्ता जैव-भार व डेयरी आहार प्रणाली हेतु उपयुक्त.
मुख्य विशेषताएं
- सिंगल व मल्टी-कट चारा योजनाओं हेतु उपयुक्त
- संतुलित नाइट्रोजन व समय पर सिंचाई से उपज में सुधार
- अनुकूल शीत समय में बुवाई से बेहतर टिलरिंग
- पोषक संतुलन हेतु दलहन चारों के साथ संयोजन संभव
खेती संબंधित जानकारी
खेती की स्थितियां
ठंडी ऋतु परिस्थितियाँ व उपजाऊ, अच्छी जल-निकास वाली दोमट से चिकनी-दोमट मिट्टी सर्वश्रेष्ठ.
उत्पादन का अनुमान
जाति व फसल प्रबंधन अनुसार हरा चारा उपज सामान्यतः 40–60 टन/हे.
पैकेजिंग और उपयोग
चारा ओट हेतु सामान्य बीज दर: बुवाई विधि व उद्देश्य अनुसार लगभग 80–100 किग्रा./हे.
मुख्य बिंदु
मुख्य बिंदु
- सिंगल व मल्टी-कट चारा योजनाओं हेतु उपयुक्त
- संतुलित नाइट्रोजन व समय पर सिंचाई से उपज में सुधार
- अनुकूल शीत समय में बुवाई से बेहतर टिलरिंग
- पोषक संतुलन हेतु दलहन चारों के साथ संयोजन संभव
कृषि और प्रबंधन
मिट्टी
अच्छी नमी-धारण क्षमता वाली उपजाऊ, अच्छी जल-निकास वाली मिट्टी आदर्श.
पानी और सिंचाई
बुवाई के बाद व तत्पश्चात मृदा-नमी अनुसार सिंचाई, विशेषकर शुष्क सर्दी में.
बुवाई
तैयारी
बारीक, मज़बूत बीज-शय्या तैयार करें व बेसल गोबर खाद/उर्वरक दें.
बुवाई की गहराई
3–5 सेमी.
दूरी
पंक्ति बुवाई में लगभग 20–25 सेमी पंक्ति-दूरी.
बुवाई के तरीके
- •सीड ड्रिल से पंक्ति बुवाई
बुवाई का समय
बीज दर
80–100 किग्रा./हे.
कटाई
लक्ष्य उपयोग (हरा खिलाना/घास) अनुसार उपयुक्त अवस्था पर कटाई.
कटाई के बाद की गतिविधियाँ
मल्टीकट में नमी व पोषण के साथ पुनर्वृद्धि को सहारा.
उर्वरक
स्प्लिट नाइट्रोजन सहित संतुलित NPK से जैव-भार की गुणवत्ता व मात्रा में सुधार.
खरपतवार नियंत्रण
अच्छी स्थापना हेतु प्रारंभिक खरपतवार दमन आवश्यक.
कीट और रोग प्रबंधन
पत्ती-रोग व माहू पर निगरानी; आवश्यकता अनुसार एकीकृत नियंत्रण.

