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गौधन (शोध जई/ओट) - Kent – view 1 of 2
Fodder Seeds

गौधन (शोध जई/ओट) - Kent

92% अंकुरण
स्टॉक में

शीत ऋतु हेतु शोध ओट चारा-लाइन; उच्च गुणवत्ता जैव-भार व डेयरी आहार प्रणाली हेतु उपयुक्त.

मुख्य विशेषताएं

  • सिंगल व मल्टी-कट चारा योजनाओं हेतु उपयुक्त
  • संतुलित नाइट्रोजन व समय पर सिंचाई से उपज में सुधार
  • अनुकूल शीत समय में बुवाई से बेहतर टिलरिंग
  • पोषक संतुलन हेतु दलहन चारों के साथ संयोजन संभव

खेती संબंधित जानकारी

खेती की स्थितियां

ठंडी ऋतु परिस्थितियाँ व उपजाऊ, अच्छी जल-निकास वाली दोमट से चिकनी-दोमट मिट्टी सर्वश्रेष्ठ.

उत्पादन का अनुमान

जाति व फसल प्रबंधन अनुसार हरा चारा उपज सामान्यतः 40–60 टन/हे.

पैकेजिंग और उपयोग

चारा ओट हेतु सामान्य बीज दर: बुवाई विधि व उद्देश्य अनुसार लगभग 80–100 किग्रा./हे.

मुख्य बिंदु

मुख्य बिंदु

  • सिंगल व मल्टी-कट चारा योजनाओं हेतु उपयुक्त
  • संतुलित नाइट्रोजन व समय पर सिंचाई से उपज में सुधार
  • अनुकूल शीत समय में बुवाई से बेहतर टिलरिंग
  • पोषक संतुलन हेतु दलहन चारों के साथ संयोजन संभव

कृषि और प्रबंधन

मिट्टी

अच्छी नमी-धारण क्षमता वाली उपजाऊ, अच्छी जल-निकास वाली मिट्टी आदर्श.

पानी और सिंचाई

बुवाई के बाद व तत्पश्चात मृदा-नमी अनुसार सिंचाई, विशेषकर शुष्क सर्दी में.

बुवाई

तैयारी

बारीक, मज़बूत बीज-शय्या तैयार करें व बेसल गोबर खाद/उर्वरक दें.

बुवाई की गहराई

3–5 सेमी.

दूरी

पंक्ति बुवाई में लगभग 20–25 सेमी पंक्ति-दूरी.

बुवाई के तरीके
  • सीड ड्रिल से पंक्ति बुवाई
बुवाई का समय
रबी: अक्टूबर–नवम्बर
बीज दर

80–100 किग्रा./हे.

कटाई

लक्ष्य उपयोग (हरा खिलाना/घास) अनुसार उपयुक्त अवस्था पर कटाई.

कटाई के बाद की गतिविधियाँ

मल्टीकट में नमी व पोषण के साथ पुनर्वृद्धि को सहारा.

उर्वरक

स्प्लिट नाइट्रोजन सहित संतुलित NPK से जैव-भार की गुणवत्ता व मात्रा में सुधार.

खरपतवार नियंत्रण

अच्छी स्थापना हेतु प्रारंभिक खरपतवार दमन आवश्यक.

कीट और रोग प्रबंधन

पत्ती-रोग व माहू पर निगरानी; आवश्यकता अनुसार एकीकृत नियंत्रण.