
हरितम (शोध धनिया) - Dhana
बीज व पत्तियों दोनों उद्देश्य हेतु शोध धनिया; रबी परिस्थितियों में अच्छी अनुकूलता व गुणवत्तापूर्ण सुगंध.
मुख्य विशेषताएं
- बेहतर अंकुरण हेतु बुवाई से पहले बीज को दो भागों में तोड़ें
- जड़/पत्ती रोग कम करने हेतु अति-सिंचाई से बचें
- धीमी प्रारंभिक वृद्धि के कारण प्रारंभिक खरपतवार नियंत्रण महत्वपूर्ण
- पत्ती कटाई व बाद में बीज कटाई दोनों चक्र हेतु उपयुक्त
खेती संબंधित जानकारी
खेती की स्थितियां
ठंडी-सूखी ऋतु (लगभग 20–25°C), अच्छी जल-निकास वाली दोमट मिट्टी (pH 6.0–7.0) में सर्वश्रेष्ठ.
उत्पादन का अनुमान
उद्देश्य अनुसार बीज व पत्ती उपज भिन्न; उचित प्रबंधन एकरूपता व कटाई-गुणवत्ता बढ़ाता है.
पैकेजिंग और उपयोग
सामान्य बीज दर: सिंचित 10–12 किग्रा./हे.; वर्षाश्रित 20–25 किग्रा./हे.
मुख्य बिंदु
मुख्य बिंदु
- बेहतर अंकुरण हेतु बुवाई से पहले बीज को दो भागों में तोड़ें
- जड़/पत्ती रोग कम करने हेतु अति-सिंचाई से बचें
- धीमी प्रारंभिक वृद्धि के कारण प्रारंभिक खरपतवार नियंत्रण महत्वपूर्ण
- पत्ती कटाई व बाद में बीज कटाई दोनों चक्र हेतु उपयुक्त
कृषि और प्रबंधन
मिट्टी
अच्छी जैविक पदार्थयुक्त, अच्छी जल-निकास वाली दोमट/सिल्ट-लोम.
पानी और सिंचाई
बुवाई के तुरंत बाद प्रथम सिंचाई, फिर मृदा-नमी अनुसार 7–10 दिन के अंतर पर.
बुवाई
तैयारी
बारीक भुरभुरी व खरपतवार-मुक्त खेत.
बुवाई की गहराई
1–2 सेमी.
दूरी
30 सेमी पंक्ति व लगभग 10 सेमी पौधा-दूरी.
बुवाई के तरीके
- •पंक्ति बुवाई
- •आवश्यकता पर छिटकाव
बुवाई का समय
बीज दर
सिंचित: 10–12 किग्रा./हे.; वर्षाश्रित: 20–25 किग्रा./हे.
कटाई
पत्तियों हेतु कोमल अवस्था में; बीज हेतु अम्बल पीले-भूरे होने पर कटाई.
कटाई के बाद की गतिविधियाँ
गहाई व भंडारण से पूर्व उत्पाद अच्छी तरह सुखाएँ.
उर्वरक
मृदा परीक्षण आधारित संतुलित पोषण व जैविक खाद.
खरपतवार नियंत्रण
प्रारंभिक वृद्धि अवस्था में हाथ-निराई व होइंग.
कीट और रोग प्रबंधन
माहू व चूर्णिल आसिता पर निगरानी; एकीकृत व आवश्यकता अनुसार नियंत्रण.

