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हरितम (शोध धनिया) - Dhana – view 1 of 2
Vegetable Seeds

हरितम (शोध धनिया) - Dhana

90% अंकुरण
स्टॉक में

बीज व पत्तियों दोनों उद्देश्य हेतु शोध धनिया; रबी परिस्थितियों में अच्छी अनुकूलता व गुणवत्तापूर्ण सुगंध.

मुख्य विशेषताएं

  • बेहतर अंकुरण हेतु बुवाई से पहले बीज को दो भागों में तोड़ें
  • जड़/पत्ती रोग कम करने हेतु अति-सिंचाई से बचें
  • धीमी प्रारंभिक वृद्धि के कारण प्रारंभिक खरपतवार नियंत्रण महत्वपूर्ण
  • पत्ती कटाई व बाद में बीज कटाई दोनों चक्र हेतु उपयुक्त

खेती संબंधित जानकारी

खेती की स्थितियां

ठंडी-सूखी ऋतु (लगभग 20–25°C), अच्छी जल-निकास वाली दोमट मिट्टी (pH 6.0–7.0) में सर्वश्रेष्ठ.

उत्पादन का अनुमान

उद्देश्य अनुसार बीज व पत्ती उपज भिन्न; उचित प्रबंधन एकरूपता व कटाई-गुणवत्ता बढ़ाता है.

पैकेजिंग और उपयोग

सामान्य बीज दर: सिंचित 10–12 किग्रा./हे.; वर्षाश्रित 20–25 किग्रा./हे.

मुख्य बिंदु

मुख्य बिंदु

  • बेहतर अंकुरण हेतु बुवाई से पहले बीज को दो भागों में तोड़ें
  • जड़/पत्ती रोग कम करने हेतु अति-सिंचाई से बचें
  • धीमी प्रारंभिक वृद्धि के कारण प्रारंभिक खरपतवार नियंत्रण महत्वपूर्ण
  • पत्ती कटाई व बाद में बीज कटाई दोनों चक्र हेतु उपयुक्त

कृषि और प्रबंधन

मिट्टी

अच्छी जैविक पदार्थयुक्त, अच्छी जल-निकास वाली दोमट/सिल्ट-लोम.

पानी और सिंचाई

बुवाई के तुरंत बाद प्रथम सिंचाई, फिर मृदा-नमी अनुसार 7–10 दिन के अंतर पर.

बुवाई

तैयारी

बारीक भुरभुरी व खरपतवार-मुक्त खेत.

बुवाई की गहराई

1–2 सेमी.

दूरी

30 सेमी पंक्ति व लगभग 10 सेमी पौधा-दूरी.

बुवाई के तरीके
  • पंक्ति बुवाई
  • आवश्यकता पर छिटकाव
बुवाई का समय
रबी: अक्टूबर मध्य से नवम्बर मध्य तक
बीज दर

सिंचित: 10–12 किग्रा./हे.; वर्षाश्रित: 20–25 किग्रा./हे.

कटाई

पत्तियों हेतु कोमल अवस्था में; बीज हेतु अम्बल पीले-भूरे होने पर कटाई.

कटाई के बाद की गतिविधियाँ

गहाई व भंडारण से पूर्व उत्पाद अच्छी तरह सुखाएँ.

उर्वरक

मृदा परीक्षण आधारित संतुलित पोषण व जैविक खाद.

खरपतवार नियंत्रण

प्रारंभिक वृद्धि अवस्था में हाथ-निराई व होइंग.

कीट और रोग प्रबंधन

माहू व चूर्णिल आसिता पर निगरानी; एकीकृत व आवश्यकता अनुसार नियंत्रण.